आरा में महानंदा एक्सप्रेस के डिरेल होने की वजह आई सामने
आरा जंक्शन के पास रविवार अहले सुबह महानंदा एक्सप्रेस डिरेल हो गई। लाल सिग्नल ओवरशूट के बाद ट्रेन के गलत लाइन में जाने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है।


आरा: बिहार के आरा जंक्शन के पास रविवार अहले सुबह बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। आरा जंक्शन से करीब 200 मीटर आगे यार्ड के समीप महानंदा एक्सप्रेस डिरेल हो गई। हादसे में ट्रेन का इंजन और एसएलआर व एच-1 समेत दो से तीन कोच पटरी से उतर गए। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीमें मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद राहत और रिकवरी का काम शुरू किया गया। रेलवे की टीमों ने डिरेल हुए कोच और ट्रैक को दुरुस्त करने के साथ ही रेल परिचालन को सामान्य करने की कोशिश शुरू कर दी।
लाल सिग्नल ओवरशूट के बाद गलत लाइन में गई ट्रेन
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, महानंदा एक्सप्रेस के लोको पायलट की ओर से लाल सिग्नल ओवरशूट किए जाने के बाद ट्रेन निर्धारित मार्ग से आगे निकल गई। इसके बाद ट्रेन गलत लाइन या लूप लाइन की तरफ चली गई। इसी दौरान इंजन के साथ एसएलआर और एच-1 समेत दो से तीन कोच पटरी से उतर गए।
रेलवे की प्रारंभिक जांच में सिग्नल ओवरशूट को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। हालांकि, घटना की पूरी वजह और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई, यह विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
स्टेशन मास्टर निलंबित, जीएम ने लिया जायजा
मामले में लापरवाही के पहलू को देखते हुए स्टेशन मास्टर को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। रेलवे ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच के भी आदेश दिए हैं। जांच में सिग्नल व्यवस्था, ट्रेन संचालन, लोको पायलट की भूमिका और स्टेशन स्तर पर हुई कार्रवाई समेत कई बिंदुओं की पड़ताल की जाएगी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद रेल जीएम हाजीपुर डिंपी गर्ग भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली और राहत एवं रिकवरी कार्य की स्थिति का जायजा लिया।
दिल्ली-हावड़ा रूट पर कुछ घंटे प्रभावित रहा परिचालन
महानंदा एक्सप्रेस के डिरेल होने के कारण दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर कुछ घंटों तक ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित रही। कई ट्रेनों के परिचालन पर इसका असर पड़ा। रेलवे की तकनीकी और रिकवरी टीमों ने युद्धस्तर पर काम करते हुए क्षतिग्रस्त ट्रैक और डिरेल हुए कोच को हटाने तथा मार्ग को परिचालन के योग्य बनाने का काम किया।
करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद महानंदा एक्सप्रेस को सुबह करीब 7:23 बजे आगे के लिए रवाना कर दिया गया। ट्रेन के रवाना होने के बाद रेलवे की ओर से परिचालन को सामान्य करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
फिलहाल हादसे की विस्तृत जांच जारी है। रेलवे की जांच रिपोर्ट से ही यह साफ होगा कि लाल सिग्नल ओवरशूट की स्थिति कैसे बनी और ट्रेन के गलत लाइन में जाने के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होती है। यात्रियों का सुरक्षित रहना इस घटना में सबसे बड़ी राहत मानी जा रही है।

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