'मौखिक फरमान मंजूर नहीं, कोर्ट में मिलेंगे...', भारी बारिश के बीच सचिवालय घेरे खड़े 2000 ASO, JSSC CGL रद्द होने पर अब...
JSSC CGL परीक्षा रद्द होने के फैसले के खिलाफ करीब 2000 नवनियुक्त ASO अभ्यर्थी रांची सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने मौखिक आदेश मानने से इनकार किया और हाईकोर्ट जाने की बात कही।

JSSC-CGL: झारखंड सरकार द्वारा JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के बाद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस फैसले से प्रभावित नवनियुक्त सहायक प्रशाखा पदाधिकारियों (ASO) ने सरकार के आदेश को मानने से साफ इनकार कर दिया है। मंगलवार को राजधानी रांची में हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन (सचिवालय) के बाहर डटे रहे और सरकार के इस कदम के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। चयनित कर्मियों का सीधा कहना है कि वे किसी भी जुबानी या मौखिक आदेश के आगे घुटने नहीं टेकेंगे।
'आंदोलन के दबाव में फैसला गैरकानूनी, कोर्ट में आमने-सामने होगी लड़ाई'
सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे नवनियुक्त अधिकारियों का तर्क है कि महज आंदोलन के दबाव में आकर बिना किसी ठोस वजह के इतना बड़ा फैसला लेना पूरी तरह से गैरकानूनी है। उन्होंने दोटूक लहजे में कहा कि अगर सरकार को परीक्षा रद्द ही करनी है, तो वह अपना लिखित आदेश और हलफनामा हाईकोर्ट में दाखिल करे। इन पदाधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे अब पीछे हटने वाले नहीं हैं और कानूनी रूप से अदालत के दरवाजे पर ही सरकार के इस फैसले का डटकर मुकाबला करेंगे।
'दोषियों पर कार्रवाई करो, निर्दोषों का भविष्य क्यों अधर में डाला?'
अपनी योग्यता और दिन-रात की मेहनत का हवाला देते हुए अफसरों ने कहा कि वे किसी की मेहरबानी से नहीं, बल्कि अपनी काबिलियत के दम पर इस पद तक पहुंचे हैं। वे पिछले कई महीनों से अलग-अलग सरकारी विभागों में अपनी पूरी ईमानदारी के साथ सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में कहीं कोई गड़बड़ी या धांधली हुई थी, तो सरकार को जांच करके सिर्फ दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी। पूरी परीक्षा को ही निरस्त कर देने से उन हजारों निर्दोष युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया है, जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा पास की थी।
मूसलाधार बारिश में भी नहीं डगमगाया अभ्यर्थियों का हौसला
गौरतलब है कि सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा CGL परीक्षा रद्द करने का ऐलान किया गया था। इस घोषणा के बाद से ही चयनित अभ्यर्थियों में भारी असंतोष फैल गया और सोमवार रात से ही उनका प्रदर्शन जारी है। मंगलवार सुबह से ही राजधानी में तेज बारिश हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वे छाता लेकर सचिवालय के बाहर जमे रहे। अपने अधिकारों और नौकरी की रक्षा के लिए अब ये सभी नवनियुक्त पदाधिकारी पूरी मजबूती के साथ कोर्ट में कानूनी लड़ाई की तैयारी में जुट गए हैं।
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