चलती ट्रेन में गूंजी नवजात की किलकारी, अल्लापुझा-धनबाद एक्सप्रेस में महिला ने दिया बच्चे को जन्म, जच्चा-बच्चा सुरक्षित
ट्रेन के सफर के दौरान अचानक प्रसव पीड़ा उठने और चलती ट्रेन में नवजात की किलकारी गूंजने से अल्लापुझा-धनबाद एक्सप्रेस के यात्री उस वक्त भावुक हो गए, जब एक गर्भवती महिला ने सहयात्री महिलाओं की मदद से एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।


Ranchi: ट्रेन के सफर के दौरान अचानक प्रसव पीड़ा उठने और चलती ट्रेन में नवजात की किलकारी गूंजने से अल्लापुझा-धनबाद एक्सप्रेस के यात्री उस वक्त भावुक हो गए, जब एक गर्भवती महिला ने सहयात्री महिलाओं की मदद से एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। यह सुखद घटना शुक्रवार की है। मामले की सूचना मिलते ही रांची रेल मंडल ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत हटिया स्टेशन पर मेडिकल टीम की व्यवस्था की और जच्चा-बच्चा को सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।
बकसपुर स्टेशन के पास उठी प्रसव पीड़ा
जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 13352 (अल्लापुझा-धनबाद एक्सप्रेस) जब बकसपुर स्टेशन से गुजर रही थी, तभी रांची रेल मंडल के वाणिज्यिक नियंत्रण कक्ष को एक आपातकालीन सूचना मिली। बताया गया कि ट्रेन के बी-4 कोच की सीट संख्या 18 पर यात्रा कर रही 24 वर्षीय पुनिता कुमारी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई है। पुनिता केरल के पालघाट से रांची की यात्रा कर रही थीं और उन्हें तत्काल मेडिकल हेल्प की सख्त जरूरत थी।
सहयात्रियों ने की मदद, ट्रेन में ही गूंजी किलकारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलवे अधिकारियों ने तुरंत हटिया स्टेशन पर एक चिकित्सकीय दल की व्यवस्था की और लगातार समन्वय बनाए रखा। हालांकि, जब ट्रेन गोविंदपुर और हटिया स्टेशन के बीच से गुजर रही थी, तभी दर्द तेज होने पर कोच में मौजूद सहयात्री महिलाओं ने पुनिता की मदद की और चलती ट्रेन में ही उनका सुरक्षित प्रसव कराया। ट्रेन में नवजात के रोने की आवाज सुनते ही साथी यात्रियों ने राहत की सांस ली।
मेडिकल मदद के लिए 21 मिनट तक रोकी गई ट्रेन
सुबह 7:52 बजे जैसे ही ट्रेन हटिया स्टेशन पहुंची, वहां पहले से अलर्ट मोड पर खड़ी रेलवे के चिकित्सकों की टीम ने तुरंत कोच में जाकर महिला यात्री और नवजात शिशु के स्वास्थ्य की जांच की। मेडिकल जांच में जच्चा और बच्चा दोनों की स्थिति बिल्कुल सामान्य और संतोषजनक पाई गई। इसके बाद उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
रेलवे प्रशासन ने मां और बच्चे की सुरक्षा तथा बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए ट्रेन को हटिया स्टेशन पर सुबह 7:52 बजे से 8:13 बजे तक करीब 21 मिनट तक रोके रखा। रांची रेल मंडल की सीनियर DCM श्रेया सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में उन्हें त्वरित सहायता उपलब्ध कराना रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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