जमीन विवाद ने धारण किया उग्र रूप, पूर्व मुखिया के घर उनके ही रिश्तेदारों ने किया हमला
गिरिडीह में जमीन विवाद ने उग्र रूप धारण कर लिया. मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में पूर्व मुखिया के घर उनके ही रिश्तेदारों (गोतिया) ने हमला कर दिया. करीब 30 से ऊपर की संख्या में आए हमलावरों में से कई लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

Jharkhand (Giridih): गिरिडीह जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत लेदा टिकैत गांव में शनिवार दोपहर करीब 30 की संख्या में आए हमलावरों ने राजेश कुमार सिंह एवं और मुखिया बासुदेव नारायण सिंह के घर पर अचानक हमला बोल दिया.
महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर जुटे ग्रामीण
हमले की इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार हमलावर अलगुंदा पंचायत के चेंगरबासा गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं. घटना के समय पूर्व मुखिया बासुदेव नारायण सिंह अपने परिवार के साथ तारापीठ पूजा करने गए हुए थे, जबकि घर में राजेश कुमार सिंह कुछ महिलाओं के साथ मौजूद थे. इसी दौरान हमलावरों ने घर में घुसते ही राजेश सिंह को दबोच लिया और उन पर जानलेवा हमला कर दिया. महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह राजेश सिंह को हमलावरों के चंगुल से बचाया.

करीब 20 लोगों को पुलिस ने लिया हिरासत में
बीच-बचाव के दौरान ग्रामीण जमुना मंडल और अशोक मंडल भी घायल हो गए. घायलों को प्राथमिक इलाज के लिए भेजा गया है. घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस सक्रिय हुई. थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करते हुए हमलावरों को खदेड़ा. पुलिस द्वारा मौके से करीब 20 पुरुषों और महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाना लाया गया. इसके अलावा घटनास्थल से एक बाइक भी जब्त की गई है.
थाना प्रभारी ने दी जानकारी
बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद जमीन से जुड़ा हुआ है, वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि हमलावर आपसी गोतिया विवाद से भी जुड़े हुए हैं. घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. मामले को लेकर मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वह स्वयं पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि फिलहाल गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है.

अब तक नहीं मिला है कोई आवेदन
पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है.
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू
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