शिक्षक भर्ती घोटाले में तेज हुई जांच, अभिषेक बनर्जी से घंटों पूछताछ
शिक्षक भर्ती घोटाले में तेज हुई जांच, अभिषेक बनर्जी से घंटों पूछताछ

पश्चिम बंगाल के बहु चर्चित प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच सोमवार को और तेज़ हो गई, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek Banerjee प्रवर्तन निदेशालय यानी ED के सामने पूछताछ के लिए कोलकाता स्थित CGO कॉम्प्लेक्स पहुंच गए। एजेंसी इस मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग के साथ-साथ भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं पर भी फोकस कर रही है। ED की टीम भर्ती घोटाले से जुड़े पैसों के लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड वगैरह, और अन्य आरोपियों के बयानों की पड़ताल कर रही है। जांच इकाई ये जानने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर अवैध तरीके से जुटाई गई रकम आखिर किन ज़रियों से अलग-अलग खातों, और फिर संपत्तियों तक पहुंची। यानी पैसा किस रास्ते से चला, ये तस्वीर बनानी है।
ये पूरा मामला उस शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में बड़ा फैसला सुनाया था। अदालत ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह दूषित ठहराते हुए 25 हजार से ज्यादा शिक्षकों और गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द कर दी थी, फिर भी मामला शांत नही हुआ। ED इससे पहले ही इस मामले में करीब ₹154 करोड़ की संपत्तियां जब्त कर चुकी है। दूसरी तरफ अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं, क्योंकि एक दिन पहले ही पश्चिम बंगाल CID ने उन्हें एक अलग मामले में कई घंटों तक पूछताछ के लिए बुलाया था। वो मामला कथित तौर पर TMC विधायकों के हस्ताक्षर फर्जीवाड़े से जोड़कर बताया जा रहा है, और इसी वजह से हलचल और बढ़ गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी ने ED के समन को अदालत में चुनौती देने की कोशिश की थी, लेकिन अदालत ने राहत देने से इनकार करते हुए जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया था।
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