AIADMK में बढ़ी अंदरूनी कलह, पूर्व मंत्री एम.आर. विजयभास्कर ने विधायक पद से दिया इस्तीफा
AIADMK में बढ़ी अंदरूनी कलह, पूर्व मंत्री एम.आर. विजयभास्कर ने विधायक पद से दिया इस्तीफा

तमिलनाडु की राजनीति में AIADMK को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व परिवहन मंत्री और करूर से विधायक एम.आर. विजयभास्कर ने 29 जून 2026 को अपने विधायक पद से इस्तीफा देकर संगठन के भीतर चल रहे असंतोष को फिर सामने ला दिया। उनका यह कदम ऐसे समय आया है, जब पार्टी पहले से ही विधानसभा चुनाव में मिली हार और लगातार बढ़ती गुटबाजी से जूझ रही है। दरअसल, मई 2026 में हुए विश्वास मत के दौरान विजयभास्कर उन 25 विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं करते हुए सत्तारूढ़ सरकार के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद पार्टी नेतृत्व और बागी विधायकों के बीच समझौते की कोशिश हुई तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई टाल दी गई। हालांकि यह समझौता लंबे समय तक नहीं टिक सका।
विश्वास मत प्रकरण के बाद विजयभास्कर से करूर जिला सचिव का पद वापस ले लिया गया था। उन्हें संगठन में दूसरी जिम्मेदारी दी गई, लेकिन वह अपने पुराने पद की बहाली चाहते थे। पार्टी नेतृत्व ने उनकी मांग स्वीकार नहीं की, जिससे दोनों पक्षों के बीच दूरी लगातार बढ़ती गई। विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद यह AIADMK के किसी विधायक का छठा इस्तीफा माना जा रहा है। इससे पहले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयबास्कर भी नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाकर पार्टी छोड़ चुके हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों ने यह संकेत दिया है कि पार्टी के भीतर असंतोष अभी समाप्त नहीं हुआ है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि संगठनात्मक मतभेद जल्द दूर नहीं किए गए तो आने वाले समय में AIADMK को और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
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