CGL परीक्षा क्या रद्द हुई, तो दफ्तर में जड़ा ताला!, राशन कार्ड बनवाने पहुंचे ग्रामीणों को मायूसी लगी हाथ, जानें क्या है पूरा माजरा
परीक्षा रद्द होने की गूंज के बीच अब सरकारी दफ्तरों के कामकाज पर भी इसका असर दिखने लगा है।


Koderma:परीक्षा रद्द होने की गूंज के बीच अब सरकारी दफ्तरों के कामकाज पर भी इसका असर दिखने लगा है। डोमचांच प्रखंड मुख्यालय स्थित आपूर्ति कार्यालय में बुधवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा और दफ्तर में ताला लटका रहा। कर्मचारियों की गैरमौजूदगी के चलते कार्यालय का गेट तक नहीं खुला, जिससे दूर-दराज के गांवों से राशन कार्ड और राशन से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहुंचे दर्जनों ग्रामीणों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी।
सुबह से भटकते रहे ग्रामीण, ताला देखकर उड़े होश
बताया जा रहा है कि सुबह लगभग 10 बजे से ही प्रखंड के सुदूर गांवों से आए ग्रामीणों का आपूर्ति कार्यालय पहुंचना शुरू हो गया था। लोग अपने राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, नए कार्ड बनवाने और खाद्यान्न से जुड़ी दिक्कतों का समाधान कराने की उम्मीद लेकर आए थे। लेकिन जैसे ही वे दफ्तर के बाहर पहुंचे, उन्हें मुख्य द्वार पर बड़ा सा ताला लटकता मिला। घंटों तक दफ्तर के बाहर बैठकर इंतजार करने के बाद भी जब न तो कोई अधिकारी आया और न ही कोई कर्मचारी, तो आखिरकार लोगों को मायूस होकर अपने-अपने घर लौटना पड़ा।
मजदूरी छोड़ी, भाड़ा फूंका और हाथ खाली लौटे
दफ्तर बंद मिलने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा साफ देखने को मिला। ग्रामीणों ने बताया कि वे अपनी रोज की दिहाड़ी-मजदूरी छोड़कर और अपनी जेब से गाड़ियों का भाड़ा खर्च करके प्रखंड मुख्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में दफ्तर बंद मिलने से उन्हें न सिर्फ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, बल्कि अपने ही जरूरी कामों के लिए दोबारा आने की मजबूरी बन जाती है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि आपूर्ति कार्यालय के समय पर न खुलने और कर्मचारियों के नदारद रहने की यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि यहां अक्सर ऐसा ही ढर्रा देखने को मिलता है।
लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई की उठी मांग
इस पूरे घटनाक्रम से परेशान ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन और संबंधित वरीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अपनी ड्यूटी से गायब रहने वाले दोषी कर्मियों पर तुरंत कड़ा एक्शन लिया जाए और आपूर्ति कार्यालय में पदाधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए, ताकि आम जनता को छोटे-छोटे सरकारी कामों के लिए बार-बार प्रखंड कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। अब देखना होगा कि प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कड़ा कदम उठाता है।

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