डीसी का एक्शन: 24 घंटे में सड़क पर शुरू हुआ काम, छात्राओं की समस्या पर प्रशासन ने लिया त्वरित संज्ञान
जिला प्रशासन ने महज 24 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू कर दी है।

Palamu... News पलामू। जन समाधान दिवस में पाटन प्रखंड के किसैनी गांव की कक्षा 10 की छात्राओं द्वारा उठाई गई जर्जर सड़क की समस्या पर जिला प्रशासन ने महज 24 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू कर दी है। छात्राओं की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल सड़क को आवागमन योग्य बनाने का निर्देश दिया था। उपायुक्त के निर्देश के बाद गुरुवार को किसैनी गांव की जर्जर सड़क पर डस्ट गिराने का काम शुरू कर दिया गया। सड़क पर डस्ट डालने के बाद जेसीबी मशीन से इसका समतलीकरण कराया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य फिलहाल सड़क को इस स्थिति में लाना है कि ग्रामीणों और खासकर विद्यालय जाने वाली छात्राओं को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े। बारिश के कारण सड़क हुई थी जर्जर बताया गया कि लगातार बारिश के कारण किसैनी गांव की सड़क की स्थिति काफी खराब हो गई थी। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए थे और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा था। विद्यालय जाने वाली छात्राओं को रोजाना इसी सड़क से होकर गुजरना पड़ता था। छात्राओं ने जन समाधान दिवस में उपायुक्त को अपनी समस्या बताते हुए कहा था कि जर्जर सड़क के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई छात्राओं के चोटिल होने की बात भी सामने आई थी। सड़क की खराब स्थिति को लेकर अभिभावक भी चिंतित थे और सुरक्षा के कारण कई बार बच्चों को स्कूल भेजने में हिचकिचाते थे। इसका सीधा असर छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा था। स्थायी निर्माण में समय, तत्काल राहत पर जोर छात्राओं की समस्या सुनने के बाद उपायुक्त ने स्पष्ट किया था कि स्थायी सड़क निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने में समय लग सकता है, लेकिन तब तक सड़क को तत्काल चलने योग्य बनाया जा सकता है। इसी के तहत संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया। अब प्रशासन के निर्देश पर सड़क पर डस्ट डालने का कार्य शुरू हो गया है। इसके बाद जेसीबी से सड़क को समतल कर आवागमन सुगम बनाने की तैयारी है। छात्राओं की समस्या को मिली प्राथमिकता जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से किसैनी गांव की छात्राओं और ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है। जन समाधान दिवस में सामने आई समस्या पर 24 घंटे के भीतर काम शुरू होने से यह भी स्पष्ट हुआ है कि प्रशासन तत्काल समाधान वाली समस्याओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कर रहा है। फिलहाल सड़क को अस्थायी रूप से चलने योग्य बनाने का काम शुरू कर दिया गया है, जबकि स्थायी सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे की कार्रवाई के तहत पूरी की जाएगी।
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