भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कांग्रेस का हमला, जयराम रमेश बोले- देशहित से समझौता न करे सरकार
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के भारत दौरे के बीच कांग्रेस ने प्रस्तावित व्यापार समझौते की शर्तों और उसके संभावित प्रभावों पर सवाल उठाए।

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के भारत दौरे के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किसी भी ऐसे समझौते से बचने की अपील की है, जो देश के आर्थिक और कृषि हितों को नुकसान पहुंचा सकता हो।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित समझौते की कुछ शर्तें भारत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।
क्या है कांग्रेस की आपत्ति?
जयराम रमेश के अनुसार, फरवरी 2026 में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार सहयोग को लेकर एक संयुक्त बयान जारी किया गया था। कांग्रेस का दावा है कि उस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर शुल्क में राहत देने की बात कही थी, जबकि भारत ने अमेरिकी कृषि और औद्योगिक उत्पादों पर शुल्क कम करने तथा अमेरिका से बड़े पैमाने पर खरीद बढ़ाने का आश्वासन दिया था।
कांग्रेस का कहना है कि बाद में अमेरिकी न्यायिक फैसलों और नीतिगत बदलावों के कारण भारत को मिलने वाली संभावित राहत पर अनिश्चितता पैदा हो गई। ऐसे में भारत को अपने बाजार और किसानों के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
किसानों पर असर की जताई चिंता
कांग्रेस ने आशंका जताई है कि यदि कृषि क्षेत्र से जुड़े उत्पादों पर आयात शुल्क में बड़ी कटौती की जाती है, तो इसका असर देश के किसानों पर पड़ सकता है। पार्टी का दावा है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के किसान इससे प्रभावित हो सकते हैं।
जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि यदि भविष्य में अमेरिका अपनी व्यापारिक नीतियों में बदलाव करता है, तो भारत के हितों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को किसी भी समझौते से पहले सभी संभावित प्रभावों का गंभीरता से आकलन करना चाहिए।
अमेरिकी प्रतिनिधि के दौरे पर नजर
इस बीच अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर भारत दौरे पर हैं। माना जा रहा है कि उनके दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होगी। हाल के दिनों में अमेरिका और भारत के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने को लेकर बातचीत तेज हुई है।
हालांकि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कांग्रेस के आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन सरकार पहले भी कह चुकी है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में भारत के आर्थिक हितों और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
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