झारखंड सहित पूरे देश में जनगणना 2027 आज से शुरू, दो चरणों में पूरी होगी पूरी प्रक्रिया, पहले चरण में पूछे जाएंगे 33 प्रश्न
जनगणना 2027 की पूरी प्रक्रिया 2 चरणों में पूरी कर ली जाएगी. जिसमें पहले चरण में मकान और सुविधाओं का सर्वे किया जाएगा जिसमें करीब 33 सवाल आपसे पूछे जाएंगे. जबकि दूसरे चरण में लोगों की और जाति की गणना की जाएगी.

Census 2027: 15 सालों के बाद देश में आज, बुधवार यानी 1 अप्रैल 2026 से जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू हो रही है. आमतौर पर देश में प्रत्येक 10 वर्षों में जनगणना करने की परंपरा रही है लेकिन वर्ष 2020-2021 में महामारी कोरोना काल की वजह से जनगणना को टाल दिया गया था.
इससे पहले देश में वर्ष 2011 में जनगणना की हुई थी. महामारी कोरोना के कारण जनगणना टाला गया था जिसके बाद देश में जनगणना में जाति को शामिल करने को लेकर विवाद छिड़ गया इस कारण इसमें देरी हुई. आपको बता दें, इस बार जनगणना में जाति को भी शामिल किया गया है.
दो चरणों में पूरी कर ली जाएगी जनगणना 2027
जनगणना की पूरी प्रक्रिया 2 चरणों में पूरी कर ली जाएगी. जिसमें पहले चरण में मकान और सुविधाओं का सर्वे किया जाएगा, इसमें करीब 33 सवाल आपसे पूछे जाएंगे. जबकि दूसरे चरण में लोगों की और जाति की गणना की जाएगी. इसके उपरांत जनगणना की प्रक्रिया 2027 में पूरी होगी यानी कि अंतिम रिपोर्ट 2027 में जारी होगी. इस कारण इसे जनगणना 2027 कहा जा रहा है.
बता दें, झारखंड में आज यानी 1 अप्रैल 2026 (बुधवार) से जनगणना का पहला चरण शुरू हो रहा है. इसमें मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) और आवास गणना (हाउसिंग सेंसस) की प्रक्रिया लागू होगी. इस दौरान सरकारी कर्मी घर-घर जाकर एक-एक जानकारी जुटाएंगे. हालांकि लोगों को अपनी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की भी सुविधा है लेकिन इसके बावजूद जनगणना-कर्मी घर आकर ही सत्यापन करेंगे. सवालों में मकान की बनावट, उपयोग और परिवार की स्थिति रिकॉर्ड किया जाएगा.
जनगणना का पहला चरण आज से शुरू: केंद्र सरकार ने जनगणना के पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास गणना आज (1 अप्रैल 2026) से शुरु कर दिया है जो आगामी 30 सितंबर 2026 तक चलेगा. जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अनुसार अलग-अलग तिथियों पर घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा. पहले चरण में जनगणना के दौरान 33 प्रश्नों के जवाब आपको देने होंगे.
पहले चरण में पूछे जाएंगे ये 33 प्रश्न
मकान और उसकी बनावट: भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण का नंबर), जनगणना मकान नंबर, मकान में इस्तेमाल सामग्री (मिट्टी, लकड़ी, सीमेंट, पत्थर आदि), दीवार में इस्तेमाल सामग्री (घास , ईंट, पत्थर, कंक्रीट आदि), छत में इस्तेमाल सामग्री (खपरैल, टिन, लोहे की चादर, कंक्रीट), जनगणना मकान का उपयोग (आवासीय, दुकान या अन्य), मकान की हालत (अच्छी, रहने योग्य या जर्जर), घर का नंबर (परिवार के लिए), परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या.
परिवार और मुखिया की जानकारी: परिवार के मुखिया का नाम, मुखिया पुरुष/महिला/थर्ड जेंडर, क्या मुखिया अनुसूचित जाति (एससी) से है, क्या मुखिया अनुसूचित जनजाति (एसटी) से है, क्या मुखिया किसी विशेष समुदाय से है? (जाति संबंधी जानकारी), मकान के मालिकाना हक की स्थिति (अपना या किराए का).
सुविधाएं और संसाधन: परिवार के पास रहने के लिए कमरों की संख्या, परिवार में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत (नल, हैंडपंप, कुआं आदि), क्या पानी का स्रोत परिसर के भीतर है या बाहर, प्रकाश (रोशनी) का स्रोत (बिजली, केरोसिन, सौर ऊर्जा आदि).
डिजिटल उपकरण और वाहनः इंटरनेट की सुविधा (ब्रॉडबैंड/मोबाइल डेटा), लैपटॉप कंप्यूटर की उपलब्धता, टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन, साइकिल की उपलब्धता, स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड की उपलब्धता, कार/जीप/वैन की उपलब्धता, परिवार में बैंक खाता, कुल सदस्यों की संख्या, आजीविका का मुख्य स्रोत, घर में कोई दुकान या छोटा उद्योग, किसी विकलांग सदस्य की जानकारी, बाहर काम करने वाले प्रवासी सदस्य के बारे में जानकारी.
शौचालय की उपलब्धता और उसका प्रकार: गंदे पानी की निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था, स्नान (नहाने) की सुविधा की उपलब्धता, रसोई की उपलब्धता और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, खाना पकाने के लिए ईंधन (गैस, लकड़ी, कोयला आदि), रेडियो/ट्रां जिस्टर की उपलब्धता, टेलीविजन की उपलब्धता.
दूसरे चरण में होगी जाति की गणना
जनगणना 2027 के पहले चरण में मकान और सुविधाओं पर फोकस है. जबकि दूसरे चरण में जाति की गिनती यानी जाति जनगणना होगी. इस पूरी प्रक्रिया के बाद अंतिम रिपोर्ट 2027 में जारी होगी.
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