DM के सामने खुली शिकायतों की पोटली! मोतिहारी के रुलही में लगा खास ‘सहयोग शिविर’
मोतिहारी सदर प्रखंड की रुलही ग्राम पंचायत में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ में जिलाधिकारी खुद ग्रामीणों के बीच पहुंचे। राशन कार्ड, पेंशन, आवास, जमीन और नल-जल से जुड़ी शिकायतें सुनी गईं, जबकि कई मामलों पर मौके से ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


मोतिहारी: सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक आसानी से पहुंचाने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने के लिए पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन की ओर से पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सदर प्रखंड की रुलही ग्राम पंचायत में शिविर लगाया गया, जहां जिलाधिकारी खुद ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं।
पंचायत भवन परिसर में लगे इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बुजुर्ग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। डीएम ने लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
राशन कार्ड से जमीन तक, पहुंचीं कई शिकायतें
शिविर में ग्रामीणों ने राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, वृद्धावस्था और विधवा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज और नल-जल योजना से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। मौके पर मौजूद जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को डीएम ने शिकायतों के जल्द निपटारे को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। कुछ मामलों में मौके पर ही कार्रवाई शुरू करने को कहा गया। यानी जिन कामों के लिए ग्रामीणों को अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, उन्हें एक ही जगह अपनी बात रखने का मौका मिला।
एक जगह जुटे कई विभाग
ग्रामीणों को ज्यादा से ज्यादा सरकारी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। इनमें स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, बाल विकास परियोजना (ICDS), सामाजिक सुरक्षा पेंशन और कृषि विभाग के काउंटर शामिल रहे।
स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर लोगों की निःशुल्क जांच की गई और जरूरत के अनुसार दवाइयां भी दी गईं। शिविर में कलेक्ट्रेट की तकनीकी टीम भी मौजूद रही। टीम ने पात्र लाभुकों के जरूरी ऑनलाइन आवेदन मौके पर ही जमा कराने में मदद की। इससे खासकर उन लोगों को सुविधा मिली जिन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया या सरकारी पोर्टल के इस्तेमाल में परेशानी होती है।
जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद
सहयोग शिविर का सबसे अहम पहलू यही रहा कि ग्रामीणों को सीधे जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखने का मौका मिला। प्रशासन की कोशिश है कि पंचायत स्तर पर ऐसे शिविरों के जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचे और शिकायतों का समाधान भी जल्द हो।
अब देखना होगा कि शिविर में दर्ज की गई बाकी शिकायतों पर कार्रवाई कितनी तेजी से होती है। फिलहाल रुलही पंचायत में लगा यह शिविर ग्रामीणों के लिए सरकारी दफ्तर तक जाने के बजाय प्रशासन को गांव तक लाने वाली पहल के रूप में सामने आया।
(मोतिहारी से प्रतिक सिंह की रिपोर्ट)

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