भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत, Prof.(Dr.) Bimal N. Patel बने ITLOS के न्यायाधीश
भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत, Prof.(Dr.) Bimal N. Patel बने ITLOS के न्यायाधीश

भारत को वैश्विक कानूनी मंच पर एक अहम सफलता मिली है। देश के वरिष्ठ विधिवेत्ता Prof. (Dr.) Bimal N. Patel को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून न्यायाधिकरण (ITLOS) का न्यायाधीश चुना गया है। उनका कार्यकाल 2026 से 2035 तक रहेगा।
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून अभिसमय (UNCLOS) के सदस्य देशों की बैठक के दौरान हुए चुनाव में प्रो. पटेल को 168 वैध मतों में से 115 मत मिले। एशिया के लिए उपलब्ध दो न्यायिक पदों में उन्होंने साफ़ बहुमत के साथ जगह बना ली। इस बार चुनाव में कई देशों के बीच कड़ा मुकाबला तो दिखा, लेकिन भारतीय उम्मीदवार को एक तरह से व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन भी मिला, और ये बात काफी मायने रखती है। इस सफलता के पीछे भारत के विदेश मंत्रालय और दुनिया भर में फैले भारतीय राजनयिक मिशनों का लंबे समय से चला समन्वित अभियान भी अहम माना जा रहा है। चुनाव परिणाम आने के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सदस्य देशों के समर्थन और विश्वास के लिए धन्यवाद दिया।
प्रो. बिमल एन. पटेल के पास अंतरराष्ट्रीय कानून के क्षेत्र में करीब ती न दशकों से अधिक का अनुभव है। फिलहाल वह गुजरात स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति हैं। इसके अतिरिक्त वे संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय विधि आयोग तथा भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य भी बताए गए हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून में उच्च शिक्षा हासिल की है, और देश के कई प्रमुख शैक्षणिक एवं विधिक संस्थानों में जिम्मेदारियां निभाई हैं।
जर्मनी के हैम्बर्ग स्थित अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून न्यायाधिकरण समुद्री सीमाओं, नौवहन अधिकारों, समुद्री पर्यावरण संरक्षण और समुद्री कानून से जुड़े अंतरराष्ट्रीय विवादों का निपटारा करता है। प्रो. पटेल का चयन इस प्रतिष्ठित संस्था में भारत की बढ़ती साख का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानूनी मामलों में भारत की सक्रिय भागीदारी को भी यह दर्शाता है।
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