केंद्रीय कैबिनेट के बड़े फैसले: विमान ईंधन मूल्य स्थिर रखने के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड, सड़क परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी
हवाई ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए विशेष फंड को मंजूरी, वहीं कई राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़क नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर।


केंद्र सरकार ने देश के बुनियादी ढांचे और परिवहन क्षेत्र को मजबूती देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के विशेष फंड के गठन समेत सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं पर बड़े निवेश को स्वीकृति प्रदान की गई।
सरकार ने विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए एक विशेष स्थिरीकरण कोष बनाने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य एयरलाइंस कंपनियों पर बढ़ते वित्तीय दबाव को कम करना और हवाई सेवाओं को अधिक स्थिर एवं किफायती बनाए रखना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विमानन उद्योग को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और यात्रियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से राहत मिल सकती है।
कैबिनेट ने सड़क अवसंरचना के विकास पर भी विशेष जोर दिया है। नई सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए कुल 24,249 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से राज्यों के बीच संपर्क मजबूत होगा और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
ओडिशा में रामेश्वर, कोणार्क और पारादीप को जोड़ने वाले कोस्टल हाईवे निर्माण के लिए 8,301 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना से पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
तेलंगाना में राष्ट्रीय राजमार्ग-63 और राष्ट्रीय राजमार्ग-563 के कई हिस्सों को चार लेन में विकसित करने के लिए 7,597 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और यात्रा समय में कमी आएगी।
मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-347बी के उन्नयन के लिए 4,415 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं बिहार में खगड़िया से पूर्णिया तक राष्ट्रीय राजमार्ग-31 और राष्ट्रीय राजमार्ग-231 के कुछ हिस्सों को चार लेन में बदलने के लिए 3,936 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
बिहार में सड़क विस्तार परियोजना-कैबिनेट ने खगड़िया-पूर्णिया मार्ग समेत एनएच-31 और एनएच-231 के कुछ हिस्सों को फोर-लेन बनाने के लिए 3,936 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इससे सीमांचल क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और व्यापार व परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से न केवल परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सड़क नेटवर्क के विस्तार से उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को भी गति मिलने की संभावना है।विशेषज्ञों के अनुसार कैबिनेट के ये फैसले देश की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, लॉजिस्टिक लागत कम करने और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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