
औलाद नहीं थी, तो पड़ोसियों ने निभाया बेटे-बेटी का फर्ज; 85 साल की राम कुमारी को पालकी में लेकर निकले बाबा धाम
85 साल की राम कुमारी देवी के अपने कोई बेटा-बेटी नहीं हैं, लेकिन बाबा बैद्यनाथ के दर्शन की उनकी इच्छा को पड़ोसियों ने अपना सपना बना लिया। मुजफ्फरपुर की राधा देवी, उनके पति और दो अन्य लोगों ने बांस-खटिया से पालकी बनाई और राम कुमारी को लेकर सुल्तानगंज से देवघर की 105 किमी यात्रा पर निकल पड़े।











