शिक्षिका की कलम, कुमार सानू की आवाज रिलीज हुआ खास राष्ट्रगीत...एक बार जरूर सुने!
सुपौल की सरकारी शिक्षिका कल्याणी स्वरूपा द्वारा रचित राष्ट्रगीत रिलीज हो गया है। चर्चित पार्श्व गायक कुमार सानू ने इस गीत को अपनी आवाज दी है। गीत में देशप्रेम, एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत का संदेश देने की कोशिश की गई है।


सुपौल: पढ़ाने वाली शिक्षिका जब कलम उठाती हैं और शब्दों में देशप्रेम पिरोती हैं, तो एक ऐसी रचना सामने आती है जो कक्षा की सीमाओं से निकलकर लोगों तक पहुंचती है और लोगो के जुबान पे बैठ जाती है। सुपौल की सरकारी शिक्षिका और साहित्य-सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़ी कल्याणी स्वरूपा द्वारा रचित राष्ट्रगीत अब रिलीज हो चुका है। खास बात यह है कि इस गीत को अपनी आवाज दी है चर्चित गायक कुमार सानू ने। ये गीत रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया खूब चर्चाए बटोर रही है.
देशप्रेम को शब्दों में पिरोने की कोशिश
राष्ट्रगीत रिलीज होने के बाद कल्याणी स्वरूपा ने शनिवार को अपने आवास पर प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने गीत के पीछे की सोच और इसके उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस रचना के जरिए देशप्रेम, समर्पण, गौरव और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। उनका उद्देश्य संगीत और साहित्य के माध्यम से खासकर नई पीढ़ी को देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। गीत में देश की विविधता, संस्कृति और राष्ट्रप्रेम को प्रमुखता दी गई है।
कुमार सानू की आवाज ने बढ़ाई खासियत
कल्याणी स्वरूपा के लिए इस गीत की सबसे खास बात यह है कि इसे कुमार सानू ने अपनी आवाज दी है। उन्होंने कहा कि कुमार सानू जैसे प्रसिद्ध गायक का उनकी रचना को आवाज देना उनके लिए गर्व की बात है। उनकी आवाज ने गीत की भावनात्मक अभिव्यक्ति को और प्रभावशाली बनाया है।
सरकारी शिक्षिका के तौर पर अपने अनुभव साझा करते हुए कल्याणी स्वरूपा ने कहा कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों में समाज, देश और अपनी संस्कृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना भी जरूरी है।इसी सोच के साथ उन्होंने इस राष्ट्रगीत को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की पहल की है।
उन्होंने गीत के निर्माण से जुड़े सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि कई लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सुपौल की एक सरकारी शिक्षिका की कलम से निकला यह राष्ट्रगीत कुमार सानू की आवाज के साथ लोगों के बीच कितनी जगह बना पाता है।
सुपौल से कुंदन कुमार की रिपोर्ट।

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