बड़गांव में धारा 144 लागू, बाबूलाल मरांडी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
हजारीबाग में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन की जिला इकाई ने मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और जनसेवा का संकल्प लिया। बिरसा मुंडा को याद कर जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अधिकारों के संरक्षण पर जोर दिया गया।

Chatra: चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में छठी कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म और आरोपी इमरोज की मॉब लिंचिंग के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। स्थिति को देखते हुए सिमरिया SDM ने बड़गांव में धारा 144 लागू कर दी है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
बाबूलाल मरांडी ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
बाबूलाल मरांडी ने पूरी घटना के लिए पुलिस की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि बच्ची 2 अगस्त की रात घर से बाहर निकली थी और उसी दौरान उसके साथ घटना हुई। मरांडी के मुताबिक, 3 अगस्त को ही परिजनों ने टंडवा पुलिस को इसकी सूचना दे दी थी।
उन्होंने दावा किया कि आरोपी इमरोज पहले से POCSO एक्ट के एक मामले में जमानत पर था। मरांडी का कहना है कि अगर पुलिस ने समय रहते आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसके घर पर छापेमारी की होती, तो घटना और उसके बाद हुई मॉब लिंचिंग को रोका जा सकता था।
बच्ची के वापस लौटने के बाद सामने आया मामला
मरांडी के अनुसार, 4 अगस्त की सुबह बच्ची किसी तरह वापस अपने परिवार के पास पहुंची और उसके बाद घटना की जानकारी सामने आई। इसके बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और मामला हिंसक हो गया। इसी दौरान आरोपी इमरोज की मॉब लिंचिंग कर दी गई।
56 नामजद और 150 अज्ञात पर केस का दावा
बाबूलाल मरांडी ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने 56 नामजद और करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पीड़ित बच्ची के माता-पिता को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
मरांडी ने कहा कि पीड़ित परिवार की स्थिति बेहद खराब है। उनके मुताबिक, परिवार में छोटे बच्चे हैं, दादी लकवाग्रस्त हैं और दादा भी काम करने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में परिवार को तत्काल मदद की जरूरत है।
BJP ने माता-पिता की रिहाई और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की
पूर्व मुख्यमंत्री ने हेमंत सरकार और प्रशासन से मामले में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता के सब्र का इम्तिहान नहीं लिया जाना चाहिए और पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
BJP की ओर से मांग की गई है कि पीड़ित बच्ची के माता-पिता को तत्काल रिहा किया जाए, बच्ची को सुरक्षित उसके घर लाया जाए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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