JPSC-JSSC Protest : सरकार-छात्रों की तीसरे दौर की बातचीत फेल! CBI जांच पर अड़े अभ्यर्थी, कल होगा...
JSSC CGL परीक्षा को किसी भी हाल में रद्द नहीं किया जाएगा। सरकार का तर्क है कि यह मामला फिलहाल हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। हालांकि, सरकार ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि वह JSSC CGL परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की न्यायिक जांच करवाएगी।

JPSC-JSSC Protest: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन सुलझाने के लिए सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा साबित हुई है। करीब 5:30 घंटे तक चली इस मैराथन बैठक के बाद भी पेंच फंसा हुआ है। छात्र अपनी मांगों पर अड़े हैं, जबकि सरकार अपने रुख पर कायम है। वार्ता विफल होने के बाद छात्रों ने ऐलान किया है कि वे अपना अनशन नहीं तोड़ेंगे और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को विधानसभा का घेराव करेंगे।
CGL परीक्षा रद्द करने से सरकार का इनकार, 14वीं JPSC पर बनी सहमति
बैठक के दौरान राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि JSSC CGL परीक्षा को किसी भी हाल में रद्द नहीं किया जाएगा। सरकार का तर्क है कि यह मामला फिलहाल हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। हालांकि, सरकार ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि वह JSSC CGL परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की न्यायिक जांच करवाएगी। इसके विपरीत, 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति बनती हुई नजर आई है।
CID और ED जांच का आश्वासन, लेकिन छात्रों को चाहिए CBI जांच
सरकार ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की CID जांच 90 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। इसके साथ ही, पूरे मामले से जुड़े आर्थिक पहलुओं की जांच ED (प्रवर्तन निदेशालय) से कराने की बात भी बैठक में सामने आई है। इतना ही नहीं, TDPL आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच करने की जानकारी भी सरकार ने दी है। इसके बावजूद, छात्र राज्य सरकार के इन आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं और वे अभी भी CBI जांच की अपनी प्रमुख मांग पर अड़े हुए हैं।
अभय तिवारी की संलिप्तता और रिफॉर्म्स की मांग
आंदोलनरत छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC CGL परीक्षा को रद्द करना, CBI जांच कराना, और JPSC-JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार (रिफॉर्म्स) शामिल हैं। इसके अलावा, छात्र लगातार मांग कर रहे हैं कि परीक्षा धांधली में कथित रूप से शामिल अभय तिवारी की भूमिका की सघन जांच हो और उनकी संलिप्तता वाली सभी परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
सहमति-असहमति की रिपोर्ट CM को सौंपेंगे मंत्री
वार्ता के बाद शिक्षा मंत्री और झामुमो विधायक सुदीव्य कुमार सोनू (संदीप सोनू) ने बताया कि सरकार और छात्रों के बीच जिन बिंदुओं पर सहमति या असहमति बनी है, उसकी पूरी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंपी जाएगी। वहीं, वार्ता कर वापस लौटे छात्र आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे। फिलहाल, राज्य सरकार CGL परीक्षा रद्द करने के मूड में बिल्कुल नहीं है, और छात्रों ने भी आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
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