International Yoga Day 2026 : 21 जून को ही क्यों मनाया जाता है योग दिवस? अमेरिका के इस स्कूल में होती हैं नियमित योग कक्षाएं
योग को आज दुनिया भर में पहचान मिल चुकी है. इस योग दिवस की शुरुआत 2015 से हुई थी. UN द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद से दुनिया भर के कई देशों में योग की कक्षाएं निरंतर रूप से आयोजित की जाती हैं.

International Yoga Day 2026 : 21 जून यानी योग का दिन, इसकी शुरुआत कहां से हुई? आज ऐसे कितने देश हैं जो भारत की इस योग परंपरा को अपना चुके हैं? आपको जानकर भारतीय होने पर गर्व महसूस होगा कि विश्व भर के कई देशों में स्कूली बच्चे निरंतर योग की शिक्षा ग्रहण करते हैं.
दुनिया के कितने देशों में होता है योग?
योग दिवस 21 जून को दुनिया के करीब 193 देशों में मनाया जाता है. वैश्विक परिप्रेक्ष्य में देखें तो योग की महत्ता दुनिया को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा भारत के प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के बाद से समझ आई. यूएन ने इस प्रस्ताव को 2014 में स्वीकार किया था. जिसके बाद दुनिया भर में पहली बार 21 जून 2015 को योग दिवस मनाया गया. हर साल इस दिन भारत के हर शहर में कई स्थानों पर विशेष योग शिविर का आयोजन किया जाता है. साथ ही स्कूलों में भी योग की कक्षाएं कराई जाती हैं और बच्चों को इसके महत्व बताए जाते हैं.
21 जून ही क्यों?
लोगों के मन में ये सवाल आ सकता है कि योग दिवस मनाने के लिए 21 जून का दिन ही क्यों चुना गया! इस दिन को भारत सहित उत्तरी गोलार्ध के देशों में विशेष महत्व दिया जाता है. 21 जून का दिन वर्ष भर में सबसे लंबा होता है, जिसे Summer Solstice यानी ग्रीष्म अयनांत कहा जाता है. इस दिन सूर्य की किरणें धरती पर सबसे अधिक समय तक रहती हैं. इसके अलावा भारतीय परंपरा में मान्यता है कि आदि योगी शिव ने इसी के आसपास सप्तऋषियों को योग की शिक्षा देनी आरंभ की थी. इस आध्यात्मिक महत्व के कारण भी योग दिवस मनाने के लिए आज का दिन चुना गया.
योग क्या है?
योग की उत्पत्ति भारत में हुई मानी जाती है. बहुत सारे लोग व्यायाम और योग को एक ही समझने की भूल करते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग चीजें हैं. योग को व्यायाम का प्रकार माना जा सकता है लेकिन यह केवल व्यायाम नहीं बल्कि शरीर और मन के संतुलन का माध्यम भी है.
इससे क्या-क्या लाभ होते हैं?
योग प्रशिक्षक बताते हैं कि योग करने से कई प्रकार के लाभ मिलते हैं. इससे शारीरिक लचीलापन बढ़ता है, एकाग्रता में सुधार आता है, तनाव से मुक्ति मिलती है और यह चिंता भी कम करने में सहायता करता है. कई शोध से भी पता चला है कि योग करने से जीवनशैली संबंधी बीमारियों का जोखिम भी कम होता है.
अमेरिका के स्कूलों में योग
भारत के लिए यह बड़ी उपलब्धि है कि योग को आज भारत के प्रयास के कारण दुनिया भर में पहचान मिली है. पश्चिम के कई देशों में नियमित रूप से कई स्कूलों में योग की कक्षाएं आयोजित की जाती हैं. वहीं अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में स्थित Rosa Parks Elementary School के बारे में उल्लेख मिलता है कि योग को स्कूल गतिविधियों का हिस्सा बना लिया गया है. यहां कुछ दिनों के अंतराल में निरंतर योग शिविर आयोजित कराए जाते हैं.
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