हजारीबाग में मानवाधिकारों की रक्षा से लेकर जल-जंगल-जमीन बचाने तक का संकल्प
हजारीबाग में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन की जिला इकाई ने मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और जनसेवा का संकल्प लिया। बिरसा मुंडा को याद कर जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अधिकारों के संरक्षण पर जोर दिया गया।

हजारीबाग: अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन की हजारीबाग जिला इकाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मानवाधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय को लेकर संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शपथ ली। कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. एस. तोमर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि जिलाध्यक्ष सुनील कुमार श्रीवास्तव ने अध्यक्षता की।
मानवाधिकार और सामाजिक न्याय के लिए काम करने की शपथ
समारोह के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मानवाधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए लगातार काम करने का संकल्प लिया। इस दौरान महिला और बाल अधिकारों के संरक्षण को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई।
भगवान बिरसा मुंडा को याद कर लिया जल-जंगल-जमीन बचाने का संकल्प
कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा को याद करते हुए जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों और उनकी सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए जागरूकता जरूरी है। संगठन की ओर से आदिवासी समाज के अधिकारों को लेकर लगातार काम करने की बात कही गई।
भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान समाज में भाईचारा और आपसी सद्भाव बनाए रखने का भी संकल्प लिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि जनसेवा और जरूरतमंदों की मदद के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास जारी रखा जाएगा। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मानवाधिकारों की रक्षा के साथ जनसेवा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
रिपोर्ट: आशीष सिन्हा
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