झारखंड में सुरक्षा बलों का बड़ा ऑपरेशन, 1 करोड़ का इनामी नक्सली मिशिर बेसरा दबोचा गया
झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। ₹1 करोड़ के इनामी माओवादी और भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य मिशिर बेसरा को धनबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है।


धनबाद: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी जीत मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी के सदस्य और ₹1 करोड़ के इनामी नक्सली मिशिर बेसरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मिशिर बेसरा के साथ मोछू, सौरभ उर्फ गौरव और दो ग्रामीणों को भी गिरिडीह-धनबाद सीमा के पास से हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, सभी गिरफ्तार लोगों से सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। फिलहाल, गिरफ्तारी के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई को धनबाद पुलिस ने अंजाम दिया। माना जा रहा है कि पूछताछ के बाद सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे अभियान और गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी साझा कर सकती हैं।
दो दशक से था फरार, 100 से ज्यादा मामले दर्ज
मिसिर बेसरा पिछले लगभग 20 सालों से फरार था और सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में उसका नाम था। उसके खिलाफ हत्या, आईईडी ब्लास्ट, पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमले, आर्म्स एक्ट समेत 100 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। खबरों के मुताबिक, उसकी गिरफ्तारी के बाद झारखंड में अब केवल एक नक्सली, असीम मंडल उर्फ बच्चा, है जो ₹1 करोड़ का इनाम रखता है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है। सत्ताधारी पार्टी का कहना है कि राज्य सरकार की मजबूत पुलिसिंग और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इच्छाशक्ति के चलते इतनी बड़ी सफलता हासिल हुई है। झामुमो ने झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को बधाई दी है। वहीं, बीजेपी ने इस कार्रवाई को प्रधानमंत्री के नक्सलवाद खत्म करने के संकल्प का नतीजा बताते हुए कहा कि इसका असर अब झारखंड में साफ नजर आ रहा है। पार्टी ने झामुमो पर नक्सलियों को संरक्षण देने और उन्हें चुनाव लड़ाने तक के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इस बीच, सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार नक्सलियों से लगातार पूछताछ कर रही हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस कार्रवाई से माओवादी संगठन के नेटवर्क और गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए सभी की नजरें आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग पर टिकी हुई हैं।

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

'पति आरोपी तो पत्नी की गाड़ी आतंकी संपत्ति नहीं!', आम्रपाली-मगध कोयला लेवी केस में JH हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

"गोली मारी, फिर भट्ठी में जलाया...", रांची में डायन-बिसाही मामले में आरोपी निरंजन अहीर को नहीं मिली राहत







