आतंकी मुठभेड़ में सीवान का लाल शहीद, तिरंगे से लिपट कर लौटा पैतृक गांव, नारों से गूंजा जामो बाजार
जम्मू कश्मीर में देश की सीमा पर सुरक्षा के लिए तैनात सीवान का लाल हरिनाथ राम शहीद हो गया. उनका पार्थिव शरीर जैसे ही पैतृक गांव पहुंचा लोगों की आंखें नम हो गई. लेकिन उन्हें इस बात का गर्व महसूस हो रहा कि उनका लाल देश की सुरक्षा करते भारत माता की गोद में सो गया.

Bihar (Siwan): सीवान के लाल और जम्मू कश्मीर की सीमा पर सुरक्षा के लिए तैनात CRPF का जवान हरिनाथ राम आतंकी मुठभेड़ में गोली लगने से शरीद हो गए. उनका पार्थिव शरीर राजकीय सम्मान के साथ तिरंगे में लिपटकर पैतृक गांव जामो बाजार लाया गया. जहां शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इस दौरान तिरंगा यात्रा भी निकाली गई. शहीद जवान हरिनाथ राम का पार्थिव शरीर के घर आते ही सभी लोगों की आंखें नम हो गई. 
हरिनाथ राम की शहादत पर गांव वालों को गर्व है लेकिन उन्हें खोने का गम भी है. बता दें, शहीद जवान हरिनाथ राम बिहार के सीवान जिले स्थित जामो बाजार के रहने वाले बीरबल राम के बेटे थे. सभी लोग उनके पार्थिव शरीर के पैतृक गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे थे. जिस वाहन से उनके पार्थिव शरीर को लाया गया उसके आगे और पीछे सैंकड़ों लोगों का हुजूम देखने को मिला. ग्रामीणों ने तिरंगा यात्रा भी निकाली. इस दौरान पूरे इलाके में ''भारत माता की जय...हरिनाथ राम अमर रहे'' का नारा गूंज उठा. 
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान महाराजगंज SDO और SDPO शहीद जवान के पैतृक गांव पहुंचे. अंतिम यात्रा में लोग अपने हाथों में तिरंगा लिए और 'हरिनाथ राम अमर रहें...भारत माता की जय' के नारे लगाते रहे. शहीद का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में स्थित श्मशान घाट में ही किया गया. इससे पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
घाट पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था. सबकी आंखें नम थी लेकिन उनमें अपने लाल के देश की सुरक्षा में शहीद होने का गर्व भी था. लोगों ने कहा कि देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए हरिनाथ राम ने भारत माता की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है. इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें.
रिपोर्ट- राहुल
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